वृंदावन TV

श्री वृंदावन धाम

शाश्वत वृंदावन में प्रवेश करें

लाइव दर्शन, पावन कथाएँ और नित्य भक्ति का आधुनिक धाम — हर स्क्रीन तक धाम की सुगंध।

धाम के संत

प्रेमानंद महाराज

Premanand Maharaj

श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज वृंदावन के प्रसिद्ध संत और आध्यात्मिक प्रवचनकर्ता हैं। उनका जन्म-नाम अनिरुद्ध कुमार पांडेय बताया जाता है। उपलब्ध जीवनी-स्रोतों के अनुसार उनका जन्म 1971 में उत्तर प्रदेश के कानपुर क्षेत्र के अखरी गाँव में हुआ। उन्होंने किशोरावस्था में ही सांसारिक जीवन का त्याग कर आध्यात्मिक साधना का मार्ग अपनाया। बाद में वे वृंदावन आए और राधावल्लभ संप्रदाय की भक्ति परंपरा से जुड़े।

guru1971–Vrindavan

जया किशोरी

Jaya Kishori

जया किशोरी (Jaya Kishori) भारत की एक अत्यंत लोकप्रिय आध्यात्मिक वक्ता, कथावाचिका, भजन गायिका और मोटिवेशनल स्पीकर हैं। उनका असली नाम जया शर्मा है, लेकिन भगवान कृष्ण के प्रति उनकी अगाध भक्ति को देखकर उनके गुरु ने उन्हें 'किशोरी जी' की उपाधि दी, जिसके बाद वे पूरी दुनिया में 'जया किशोरी' के नाम से प्रसिद्ध हुईं।

commentator1995–Vrindavan

राजेंद्र दास देवाचार्य

Rajendra Das Devacharya

स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज रामानंदी वैष्णव परंपरा और उसकी विरक्त परंपरा से जुड़े एक समकालीन हिंदू संत, आध्यात्मिक गुरु और राम कथा वाचक हैं। वे वृंदावन में श्री मलूक पीठ के पीठाधीश्वर हैं। उनकी शिक्षाएँ भगवान की भक्ति, राम कथा, सत्संग, आध्यात्मिक ज्ञान, गुरु-भक्ति और सेवा पर केंद्रित हैं। वे संस्कृत और धार्मिक ग्रंथों की शिक्षा, गौ-सेवा और पारंपरिक हिंदू आध्यात्मिक संस्कृति के संरक्षण से भी जुड़े हुए हैं।

acharya1971–Madhya Pradesh

देवकीनंदन ठाकुर महाराज

Devkinandan Thakur Maharaj

श्री देवकीनंदन ठाकुर महाराज का जन्म 12 सितंबर 1978 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के ओहावा गाँव में हुआ। बचपन से ही उनका झुकाव श्रीकृष्ण भक्ति और धार्मिक कथाओं की ओर रहा। वे वृंदावन की कृष्णलीला मंडली से जुड़े और आगे चलकर अपने सद्गुरु से शास्त्रों तथा आध्यात्मिक परंपरा का अध्ययन किया। 13 वर्ष की आयु में उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का अध्ययन और कंठस्थ करने की साधना की। वे निंबार्क परंपरा से जुड़े कृष्ण-भक्त, भागवत कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रसिद्ध हैं।

guru1978–Braj

इंद्रेश उपाध्याय

Indresh Upadhyay

इन्द्रेस उपाध्याय एक प्रसिद्ध युवा हिन्दू कथावाचक और श्रीमद्भागवत कथा के वक्ता हैं। वे विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण, श्रीमद्भागवत महापुराण, भक्ति, सनातन धर्म और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर कथा एवं प्रवचन करते हैं। उनकी वाणी में सरल भाषा के साथ भक्ति, आध्यात्मिक चिंतन और नैतिक जीवन के संदेशों पर जोर दिखाई देता है।

acharya1997–Braj

अनिरुद्धाचार्य महाराज

Aniruddhacharya Maharaj

श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज वृंदावन से जुड़े प्रसिद्ध भागवत कथा-वाचक, आध्यात्मिक वक्ता और समाजसेवी हैं। वे अपनी सरल, भावपूर्ण और जनसामान्य को समझ आने वाली कथा-शैली के माध्यम से श्री राधा-कृष्ण/गौरी-गोपाल भक्ति, सनातन धर्म, सेवा, संस्कार और नैतिक जीवन का संदेश देते हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के रेवझा गांव, सिरोहा तहसील में हुआ बताया जाता है। उनके पिता का नाम राम नरेश तिवारी और माता का नाम छाया बाई बताया गया है। उन्होंने भागवत आचार्य पाठ्यक्रम भी पूरा किया है।

guru1989–Jabalpur

पंडित प्रदीप मिश्रा

Pandit Pradeep Mishra

पंडित प्रदीप मिश्रा मध्य प्रदेश के सीहोर से जुड़े प्रसिद्ध धार्मिक कथावाचक, भजन गायक और शिव महापुराण के प्रवक्ता हैं। उन्हें आमतौर पर “सीहोर वाले बाबा” के नाम से भी जाना जाता है। वे विशेष रूप से भगवान शिव की भक्ति, शिव महापुराण कथा और सनातन धर्म से जुड़े प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके जन्म-वर्ष के संबंध में सार्वजनिक स्रोतों में अंतर मिलता है—कुछ स्रोत 1980 बताते हैं, जबकि कुछ 16 जून 1977 बताते हैं। इसलिए निश्चित जन्म-तिथि के रूप में किसी एक जानकारी को बिना अतिरिक्त प्रमाण के प्रस्तुत करना उचित नहीं है।

guru1977–Sehore

हित अंबरीश जी

Hit Ambrish Ji

हिता अम्बरीश जी (Hita Ambrish Ji) वृंदावन से जुड़े एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक और वक्ता हैं। उनका बचपन और शिक्षा हिसार, हरियाणा में हुई। बचपन से ही उन्हें आध्यात्मिक विषयों और शास्त्रों में रुचि थी तथा उन्होंने रामचरितमानस, श्रीमद्भागवत और गुरबाणी जैसे ग्रंथों का अध्ययन किया। वे 2010 से विशेष रूप से भक्ति योग पर आध्यात्मिक प्रवचन देते रहे हैं।

guru1983–हरियाणा

ब्रज मंडल

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा

वृंदावन के हृदय से बाहर की ओर — धाम, लीला स्थली और चौरासी कोस।

मंदिरपवित्र स्थल4 लाइव दर्शनपरिक्रमा

परिक्रमा

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा

268 कि.मी. · 8 पड़ाव

धाम

11

लीला स्थली

8

चौरासी कोस

5
धाम0–4 kmलीला स्थली4–18 kmचौरासी कोस18+ km

मंदिर निर्देशिका

धाम के मंदिर

सात प्रमुख मंदिरों से लेकर ब्रज के छोटे-छोटे सेवा स्थलों तक — दर्शन समय, आरती और पहुँचने का मार्ग।

श्री कृष्ण जन्मभूमि

Shri Krishna Janmabhoomi

श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। हिंदू धार्मिक परंपरा के अनुसार, मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि वही पवित्र स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।

KrishnaMathura, Uttar Pradesh

प्रेम मंदिर

Prem Mandir

Marble temple of divine love, illuminated every evening.

KrishnaVrindavan, Uttar Pradesh

निधिवन

Nidhivan

निधिवन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी से जुड़ा एक अत्यंत पवित्र धार्मिक स्थल है। यह अपनी घनी तुलसी वनस्पति, धार्मिक मान्यताओं और रहस्यमय वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।

KrishnaVrindavan, Uttar Pradesh

श्री बांके बिहारी मंदिर

Banke Bihari Temple

वृंदावन का सर्वाधिक प्रिय एवं दिव्य मंदिर, स्वामी हरिदास जी द्वारा प्रकट।

श्री बांके बिहारी जीVrindavan, Uttar Pradesh

श्री गिरिराज जी, गोवर्धन

Giriraj Ji, Govardhan

गिरिराज गोवर्धन — जिसे कृष्ण ने कनिष्ठा अंगुली पर धारण किया; 21 कोसीय परिक्रमा।

श्री गिरिराज महाराज (मुखारविंद)

श्री कृष्ण-बलराम मंदिर (इस्कॉन)

ISKCON Vrindavan

इस्कॉन का प्रसिद्ध कृष्ण-बलराम मंदिर, संकीर्तन एवं भक्ति का केंद्र।

श्री कृष्ण-बलरामVrindavan, Uttar Pradesh

श्री राधा रमण मंदिर

Radha Raman Temple

श्री राधा रमण मंदिर उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित भगवान श्रीकृष्ण के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर श्री राधा रमण जी की स्वयं प्रकट शालिग्राम स्वरूप की पूजा के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

श्री राधा रमण जीVrindavan, Uttar Pradesh

श्री जी मंदिर बरसाना

Shriji Temple Barsana

श्री जी मंदिर उत्तर प्रदेश के बरसाना में स्थित श्री राधारानी को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर है। इसे राधारानी मंदिर या लाड़ली जी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। बरसाना को राधारानी की जन्मभूमि माना जाता है और यह मंदिर ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है।

RadhaBarsana, Uttar Pradesh

श्रीमद्भगवद्गीता

पूर्णिमा

ज्ञेयः स नित्यसंन्यासी यो न द्वेष्टि न काङ्क्षति। निर्द्वन्द्वो हि महाबाहो सुखं बन्धात्प्रमुच्यते।।5.3।।

jñeyaḥ sa nitya-sannyāsī yo na dveṣhṭi na kāṅkṣhati nirdvandvo hi mahā-bāho sukhaṁ bandhāt pramuchyate

।।5.3।। हे महाबाहो ! जो मनुष्य न किसीसे द्वेष करता है और न किसीकी आकाङ्क्षा करता है; वह (कर्मयोगी) सदा संन्यासी समझनेयोग्य है; क्योंकि द्वन्द्वोंसे रहित मनुष्य सुखपूर्वक संसार-बन्धनसे मुक्त हो जाता है।

भगवद्गीता 5.3

राजभोग

आज की पूजा कीजिए

घंटी, पट, दर्शन और आरती — दस चरणों की पूजा, जो समय लेती है, क्योंकि पूजा समय लेती ही है। किसी खाते की आवश्यकता नहीं।

10 चरण15 मिनटनिःशुल्क
मंदिर में प्रवेश करें
  1. 1घंटी
  2. 2पट
  3. 3पुष्प
  4. 4दीप
  5. 5धूप
  6. 6चंदन
  7. 7भोग
  8. 8आरती
  9. 9जप
  10. 10प्रणाम

वैदिक ज्योतिष

ज्योतिष

पंचांग, कुंडली, मिलान और अंक ज्योतिष — आज के ग्रहों की स्थिति के साथ।

  • जन्म कुंडलीग्रह, भाव, वर्ग और दशा
  • दैनिक मार्गदर्शनआपकी कुंडली के अनुसार
  • योग एवं दोषकारण सहित
ज्योतिष देखेंकुंडली एवं दैनिक मार्गदर्शन — निःशुल्क

आज का भक्ति संदेश

जहाँ प्रेम है, वहीं वृंदावन है।

— ब्रज वचन
और प्रेरणादायक संदेश

आइए, वृंदावन की यात्रा पर चलें

दर्शन, कथा, भक्ति और दिव्य अनुभव — सब एक ही स्थान पर।

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