झाँकी दर्शन — पट बार-बार खुलते और बंद होते हैं, क्योंकि ठाकुर जी की दृष्टि अपलक सहन नहीं होती।दर्शन लाइव
श्री बांके बिहारी मंदिर
वृंदावन का सर्वाधिक प्रिय एवं दिव्य मंदिर, स्वामी हरिदास जी द्वारा प्रकट।
श्री बांके बिहारी जी · RadhaVrindavan, Mathura, Uttar Pradeshस्थापना 1864
परिचय
श्री बांके बिहारी जी वृंदावन के हृदय में विराजमान हैं। यहाँ पर्दा-दर्शन की अनूठी परम्परा है — ठाकुर जी की छवि इतनी मनोहर है कि दर्शन बीच-बीच में पर्दे से ढके जाते हैं।
इतिहास
स्वामी हरिदास जी की भक्ति से प्रसन्न होकर श्री बांके बिहारी जी निधिवन में प्रकट हुए और बाद में 1864 में इस मंदिर में प्रतिष्ठित किए गए।
विशेषता
झाँकी दर्शन — पट बार-बार खुलते और बंद होते हैं, क्योंकि ठाकुर जी की दृष्टि अपलक सहन नहीं होती।
विवरण
- संस्थापक
- Swami Haridas
- निर्माता
- Local devotees
- काल
- 19th century
- परंपरा
- Haridasi
राजस्थानी शैली — मेहराबदार द्वार, झरोखे और ऊँचा शिखर।
उत्सव
जन्माष्टमीहोलीराधाष्टमीअक्षय तृतीया
- संकष्टी चतुर्थी30 सितंबर
- इंदिरा एकादशी6 अक्टूबर
- महालया अमावस्या10 अक्टूबर
- शारदीय नवरात्रि11 अक्टूबर
- तुला संक्रांति18 अक्टूबर
निकटवर्ती मंदिर

