श्री राधा रमण मंदिर
श्री राधा रमण मंदिर उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित भगवान श्रीकृष्ण के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर श्री राधा रमण जी की स्वयं प्रकट शालिग्राम स्वरूप की पूजा के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
परिचय
श्री राधा रमण मंदिर वृंदावन की गौड़ीय वैष्णव परंपरा का प्रमुख केंद्र है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की राधा रमण स्वरूप में पूजा होती है। मंदिर में श्री राधा रमण जी के साथ शालिग्राम शिलाओं की भी पूजा की जाती है। यहां की पूजा-पद्धति, आरती, भोग और दैनिक सेवा प्राचीन वैष्णव परंपराओं के अनुसार की जाती है।
इतिहास
मंदिर का इतिहास श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी से जुड़ा है, जो वृंदावन के प्रमुख षड्गोस्वामियों में से एक थे। धार्मिक परंपरा के अनुसार, 1542 ईस्वी में वैशाख पूर्णिमा के दिन उनकी पूजा में रखी शालिग्राम शिला से श्री राधा रमण जी का प्राकट्य हुआ। बाद में उनके अनुयायियों द्वारा मंदिर की स्थापना और सेवा परंपरा को आगे बढ़ाया गया। वर्तमान मंदिर वृंदावन के प्राचीन और महत्वपूर्ण वैष्णव मंदिरों में गिना जाता है।
विशेषता
स्वयं प्रकट शालिग्राम शिला से प्रकट विग्रह; रसोई की अग्नि पाँच शताब्दियों से अखंड मानी जाती है।
विवरण
- संस्थापक
- Gopala Bhatta Goswami
- काल
- 16th century
- परंपरा
- Gaudiya Vaishnava
प्राचीन लाल-पत्थर की संरचना, वृंदावन की संकरी गलियों में।
चित्र
उत्सव
- संकष्टी चतुर्थी30 सितंबर
- इंदिरा एकादशी6 अक्टूबर
- महालया अमावस्या10 अक्टूबर
- शारदीय नवरात्रि11 अक्टूबर
- तुला संक्रांति18 अक्टूबर
निकटवर्ती मंदिर

