जय श्री राधे
दैनिक भक्ति
आज का भक्ति क्रम
बुधवार · 9 सितंबर 2026
आज का श्लोक
विस्तार से पढ़ेंदैवमेवापरे यज्ञं योगिनः पर्युपासते। ब्रह्माग्नावपरे यज्ञं यज्ञेनैवोपजुह्वति।।4.25।।
daivam evāpare yajñaṁ yoginaḥ paryupāsate brahmāgnāvapare yajñaṁ yajñenaivopajuhvati
।।4.25।। अन्य योगीलोग भगवदर्पणरूप यज्ञका ही अनुष्ठान करते हैं और दूसरे योगीलोग ब्रह्मरूप अग्निमें विचाररूप यज्ञके द्वारा ही जीवात्मारूप यज्ञका हवन करते हैं।
भगवद्गीता 4.25