डिजिटल वृंदावन
Digital Vrindavan
दैवासुरसम्पद्विभागयोग
16.14श्रीकृष्ण

असौ मया हतः शत्रुर्हनिष्ये चापरानपि।ईश्वरोऽहमहं भोगी सिद्धोऽहं बलवान्सुखी।।16.14।।

asau mayā hataḥ śhatrur haniṣhye chāparān api īśhvaro ’ham ahaṁ bhogī siddho ’haṁ balavān sukhī

।।16.14।।वह शत्रु तो हमारे द्वारा मारा गया और उन दूसरे शत्रुओंको भी हम मार डालेंगे। हम सर्वसमर्थ हैं। हमारे पास भोग-सामग्री बहुत है। हम सिद्ध हैं। हम बड़े बलवान् और सुखी हैं।

मृत्यु

शब्दार्थ

asau

that

mayā

by me

hataḥ

has been destroyed

śhatruḥ

enemy

haniṣhye

I shall destroy

cha

and

aparān

others

api

also

īśhvaraḥ

God

aham

I

aham

I

bhogī

the enjoyer

siddhaḥ

powerful

aham

I

bala-vān

powerful

sukhī

happy

अनुवाद

"I have slain that enemy, and I shall slay others too. I am the Lord; I enjoy, I am perfect, powerful, and happy."

Swami Sivananda · meaning

I have slain one enemy; I will slay the others too. I am worthy of enjoying; I am the Almighty, perfect, powerful, and happy.

Shri Purohit Swami · simple

।।16.14।।वह शत्रु तो हमारे द्वारा मारा गया और उन दूसरे शत्रुओंको भी हम मार डालेंगे। हम सर्वसमर्थ हैं। हमारे पास भोग-सामग्री बहुत है। हम सिद्ध हैं। हम बड़े बलवान् और सुखी हैं।

Swami Ramsukhdas · meaning

।।16.14।। "यह शत्रु मेरे द्वारा मारा गया है और दूसरे शत्रुओं को भी मैं मारूंगा", "मैं ईश्वर हूँ और भोगी हूँ", "मैं सिद्ध पुरुष हूँ", "मैं बलवान और सुखी हूँ",।।

Swami Tejomayananda · simple

भाष्य

Acharya आदि शंकराचार्य · advaita

।।16.14।। --,असौ देवदत्तनामा मया हतः दुर्जयः शत्रुः। हनिष्ये च अपरान् अन्यान् वराकान् अपि। किम् एते करिष्यन्ति तपस्विनः सर्वथापि नास्ति मत्तुल्यः। कथम् ईश्वरः अहम्? अहं भोगी। सर्वप्रकारेण च सिद्धः अहं संपन्नः पुत्रैः नप्तृभिः? न केवलं मानुषः? बलवान् सुखी च अहमेव अन्ये तु भूमिभारायावितीर्णाः।।

मुख्य शब्द

slain